प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में गंगा नदी पर बन रहे सिक्स लेन पुल की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए जा रहे हैं। पुल की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए इसमें आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। इनकी मदद से पिलर, बेयरिंग, एक्सपेंशन ज्वाइंट और रेलिंग में होने वाले बदलावों का पता लगाया जा सकेगा। यानी पुल चालू होने के बाद भी उसकी मजबूती की निगरानी होती रहेगी।
इसके लिए ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) लगाया गया है। इस तकनीक के जरिए पुल के किसी भी हिस्से में छोटी सी दरार, खराबी या तकनीकी गड़बड़ी होने पर तुरंत जानकारी मिल सकेगी। इससे समय रहते मरम्मत और जरूरी सुधार किए जा सकेंगे।
प्रयागराज के स्टेनली रोड स्थित कलश चौराहे से गंगापार के मलाक हरहर तक इस पुल का निर्माण हो रहा है। करीब 9.800 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 1,947 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों की योजना है कि 25 से 30 नवंबर के बीच पुल की एक लेन पर यातायात शुरू कर दिया जाए। वहीं, 25 दिसंबर से दोनों लेन पर आवागमन शुरू करने की तैयारी है।
पुल में लगाए गए सेंसर बीएचएमएस से जुड़े हैं। इनके जरिए पिलरों और बेयरिंग के साथ एक्सपेंशन ज्वाइंट की स्थिति का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा पुल के अंदर लगी सरिया और दूसरे जरूरी हिस्सों की मजबूती भी जांची जाएगी। कहीं भी असामान्य बदलाव मिलने पर संबंधित निर्माण एजेंसी को तुरंत सूचना दी जाएगी, ताकि समय रहते मरम्मत की जा सके।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रोजेक्ट निदेशक मोहम्मद नुसरतुल्लाह खान के मुताबिक, पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक की मदद से किया जा रहा है। बीएचएमएस के जरिए इसकी मजबूती पर लगातार नजर रखी जाएगी। इससे पुल को सुरक्षित रखने और उसकी उम्र बढ़ाने में मदद मिलेगी।