प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में एक घर के अंदर जमीन में दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रमों से करोड़ों रुपये कैश बरामद हुआ है। इनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां कपड़े में लपेटकर रखी गई थीं। मामला प्रयागराज से करीब 32 किलोमीटर दूर बरईपुर गांव का है, जहां बुधवार रात पुलिस ने राकेश यादव के घर छापा मारकर यह रकम बरामद की। पुलिस को शक है कि यह पैसा चोरी का हो सकता है।
बताया जा रहा है कि करीब 5-6 दिन पहले राकेश यादव का पड़ोसियों से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो राकेश की दरोगा से बहस हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी दौरान उसके घर में बड़ी रकम छिपाकर रखने की जानकारी सामने आई।
पुलिस ने पूरे गांव की बिजली कटवाकर की छापेमारी
नवाबगंज इलाके के बरईपुर गांव में राकेश यादव उर्फ महाकाल का पुश्तैनी घर है। पुलिस को सूचना मिली थी कि उसके घर में चोरी के पैसे जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए हैं। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंची। इसके बाद बुधवार शाम करीब 6 बजे डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस की टीम गांव पहुंची। छापेमारी से पहले पूरे गांव की बिजली कटवा दी गई। इसके बाद घर में तलाशी शुरू की गई। इस दौरान सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद रहे।
साढ़े चार घंटे की तलाशी में मिले तीन नीले ड्रम
पुलिस के मुताबिक, घर की तलाशी के दौरान जमीन में दबे तीन नीले ड्रम मिले। इनमें कपड़े में लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने पूरी रकम अपने कब्जे में ले ली और घर को सील कर दिया। इसके बाद पूरे मकान की घेराबंदी कर दी गई। करीब साढ़े चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाने के बाद पुलिस रात करीब 10:30 बजे वहां से लौटी। पुलिस ने राकेश के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया है। परिवार के अन्य सदस्यों को भी पुलिस अपने साथ ले गई। घर के आसपास 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने घर के साथ बगीचे और खाली जमीन को भी घेर रखा है।
गांववालों का दावा- कुछ साल में खरीदी 22 बीघा जमीन
गांव के लोगों के मुताबिक, राकेश कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहता था। वहां वह एक सर्राफा कारोबारी के घर काम करता था। कोरोना महामारी के दौरान वह अपने गांव बरईपुर लौट आया। इसके बाद उसने करीब 22 बीघा जमीन खरीदी, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। गांववालों का दावा है कि उसने करीब एक करोड़ रुपये खर्च करके अपना मकान बनवाया। इसके अलावा दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप भी खरीदी। बाद में उसने गांव में ही सीमेंट और सरिया का कारोबार शुरू कर दिया।
राकेश के छह भाई, तीन गांव में रहते हैं
राकेश कुल छह भाई हैं। इनमें राकेश, राजेश और लवकुश गांव में ही रहते हैं, जबकि छोटू, राजेंद्र और अभिषेक बाहर रहते हैं। उनके पिता राम आधार की मौत हो चुकी है। डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया कि बुधवार रात होने की वजह से तलाशी अभियान रोकना पड़ा था। राकेश के घर के आसपास पुलिस तैनात है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं।