प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के मांडा ब्लॉक की हाटा न्याय पंचायत के कई गांवों में आंधी और बारिश से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल बारिश और तेज हवा के कारण जमीन पर गिर गई। किसानों के लिए यह फसल कटाई का समय था, लेकिन बारिश के बाद खेतों में पानी भर जाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर धान की खेती की थी और पूरी मेहनत से फसल की देखभाल की थी। इससे पहले भी वे प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल का नुकसान झेल चुके हैं। हाटा पहाड़ी इलाके में आने वाली न्याय पंचायत है, जहां पहले से ही सुविधाओं की कमी बताई जाती है। ऐसे में फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग
किसानों ने बताया कि नुकसान के बावजूद अब तक शासन-प्रशासन का कोई अधिकारी गांव में हालात देखने नहीं पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराया जाए और नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि समय पर मदद नहीं मिली तो उनके लिए खेती में लगी लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा।
नुकसान झेलने वाले किसानों में राम जी पाल, शांति भूषण मिश्रा, शुभम मिश्रा, जयशंकर मिश्रा, अनिल तिवारी, कमलाकांत पांडे, कृपाशंकर कुशवाहा, प्रेम नारायण मिश्रा और विजय शंकर कुशवाहा शामिल हैं। इनके अलावा भी कई किसानों की फसल प्रभावित हुई है। गांव के लोगों ने राजस्व लेखपाल आनंद कुमार से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि अभी तक सर्वे कराने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद गांव जाकर फसल के नुकसान का सर्वे किया जाएगा और मुआवजे की प्रक्रिया पर आगे बात होगी।