प्रयागराज न्यूज डेस्क: गोवंश ले जाने के आरोप में जब्त किए गए ट्रक को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसके मालिक को राहत दी है। कोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल ट्रक को न तो बेचा जा सकता है और न ही उसकी नीलामी की जा सकती है। किसी अन्य व्यक्ति को भी ट्रक का मालिकाना हक नहीं दिया जाएगा। इस मामले पर अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
ट्रक मालिक जान मोहम्मद ने जब्ती के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। बुधवार को न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया। मामले के मुताबिक, 29 सितंबर 2024 को अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर ट्रक को रोका था। आरोप था कि उसमें गोवंश भरे हुए थे और उन्हें हरियाणा ले जाया जा रहा था। पुलिस को चालक के पास से पशुओं को बेहोश करने वाला नशीला पाउडर भी मिला था।
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने 9 अप्रैल 2025 को ट्रक जब्त करने और उसे राज्य के पक्ष में करने का आदेश दिया था। ट्रक मालिक ने इस फैसले के खिलाफ मंडलायुक्त के यहां अपील की, लेकिन 17 जुलाई 2026 को उसे भी खारिज कर दिया गया। इसके बाद जान मोहम्मद ने दोनों आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याची का तर्क है कि ट्रक में ले जाए जा रहे पशुओं को वध के लिए ले जाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। उसने प्रशासन की कार्रवाई को मनमाना बताया है। फिलहाल हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम फैसले से पहले ट्रक की बिक्री, नीलामी और किसी तीसरे पक्ष को उसका अधिकार देने पर रोक लगा दी है।