प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के वासियों के लिए भीषण गर्मी और उमस के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर, यानी 28 जून तक मानसून बिहार सीमा से होते हुए गोरखपुर और महाराजगंज के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हो जाएगा। आमतौर पर राज्य में मानसून 20 जून तक दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार यह अपने तय समय से करीब 8 दिन की देरी से चल रहा है क्योंकि पिछले 15-16 दिनों से यह महाराजगंज के पास ही अटका हुआ था।
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसून के 29 जून तक राजधानी लखनऊ पहुंचने और 1-2 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश को कवर करने की प्रबल संभावना है। हालांकि, मानसून की एंट्री से ठीक पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण तपिश रिकॉर्ड की गई। लखीमपुर खीरी 43.2°C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि बांदा और आगरा में 43.0°C, लखनऊ में 42.4°C, अलीगढ़ में 42.2°C और प्रयागराज में 42.0°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) का असर बना रहेगा।
गर्मी के इस सितम के बीच उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में प्री-मानसून गतिविधियों ने दस्तक दे दी है। कानपुर देहात में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि गोरखपुर में देर रात हुई लगभग एक घंटे की झमाझम बरसात से सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। इससे पहले गुरुवार को भी गाजियाबाद और प्रयागराज में धूल भरी तेज हवाओं के साथ पानी गिरा था और मेरठ में बूंदाबांदी हुई थी। पूर्वी और तराई इलाकों में हवाओं के रुख बदलने और हल्की फुहारों के कारण तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा रही है, जो मानसून के आगमन का साफ संकेत है।
मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों के लिए जिलेवार वेदर अपडेट भी जारी किया है। 27 और 28 जून को जहां पश्चिमी यूपी में गर्मी का असर रहेगा, वहीं पूर्वी यूपी में बारिश और कहीं-कहीं लू का मिलाजुला असर दिखेगा। असली बदलाव 29 जून से शुरू होगा जब पूर्वी यूपी में मूसलाधार बारिश और पश्चिमी यूपी में हल्की बौछारें पड़ेंगी। इसके बाद 30 जून और 1 जुलाई को पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जिससे लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।