प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें किसानों को खेती से जुड़े उत्पादों के निर्यात, मार्केटिंग, जरूरी दस्तावेज तैयार करने और गुणवत्ता बनाए रखने की जानकारी दी जाएगी। इसके जरिए किसान अपनी उपज सीधे विदेशी बाजारों तक पहुंचा सकेंगे और कमाई का बड़ा हिस्सा खुद रख पाएंगे।
तीन जिलों के किसानों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
प्रयागराज मंडल के तीन निर्यात क्लस्टर के किसानों को इस योजना से जोड़ा गया है। इनमें प्रतापगढ़ का आंवला, फतेहपुर की हरी मिर्च और केला शामिल हैं। प्रदेश के 37 कृषि निर्यात क्लस्टर में यह कार्यक्रम 23 नवंबर से तीन चरणों में शुरू होगा। किसानों को तीन राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में अलग-अलग विषयों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
तीन संस्थानों में होगी ट्रेनिंग
पहले चरण में 23 से 27 नवंबर तक जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किसानों को कृषि उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री की जानकारी मिलेगी। इसके बाद 1 से 3 दिसंबर तक नासिक के सह्याद्रि रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन में कृषि उद्यम और मार्केटिंग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। आखिरी चरण हैदराबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट हेल्थ मैनेजमेंट में होगा। यहां किसानों को फसल को कीटों से बचाने और निर्यात के जरूरी गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के तरीके सिखाए जाएंगे।
बिचौलियों को मिलने वाला हिस्सा बचा सकेंगे किसान
प्रयागराज मंडल के सहायक कृषि विपणन अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि इस पहल का मकसद किसानों को निर्यात की पूरी प्रक्रिया समझाना है, ताकि वे खुद विदेशी बाजारों तक पहुंच बना सकें। फतेहपुर के हरी मिर्च उत्पादक भुवन भास्कर भी इस ट्रेनिंग में शामिल होंगे। उनका कहना है कि फिलहाल निर्यात से होने वाली कमाई का करीब 45 प्रतिशत हिस्सा बिचौलियों के पास चला जाता है। निर्यात की प्रक्रिया सीखने के बाद किसान इस हिस्से को बचाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे।
यूपी के कृषि निर्यात में लगातार बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, संशोधित कृषि निर्यात नीति के बाद प्रयागराज मंडल में 5 हजार से ज्यादा किसान और किसान उत्पादक संगठन अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक बाजारों से जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश से कृषि और बागवानी उत्पादों का निर्यात भी लगातार बढ़ा है। वर्ष 2022-23 में प्रदेश से 1,54,243.5 मीट्रिक टन उत्पादों का निर्यात हुआ था, जिससे 18,991.43 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 14,26,033.61 मीट्रिक टन और 22,302.7 करोड़ रुपये हो गया। 2024-25 में 14,36,289.7 मीट्रिक टन उत्पादों का निर्यात हुआ, जिसकी कीमत 24,028 करोड़ रुपये रही। वहीं, 2025-26 में निर्यात बढ़कर 17,37,264.3 मीट्रिक टन और कारोबार 30,878.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक प्रयागराज मंडल से 2,835.22 मीट्रिक टन कृषि उत्पादों का निर्यात किया गया। इससे किसानों को 12.29 करोड़ रुपये की कमाई हुई।