प्रयागराज न्यूज डेस्क: स्कूल से लेकर कोचिंग तक रुद्र प्रताप और अर्पण विश्वास हमेशा साथ रहते थे। उनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि लोग उन्हें प्यार से जय-वीरू कहते थे। पढ़ाई हो या रोजमर्रा का काम, दोनों हर जगह साथ नजर आते थे। शिक्षक दिवस पर भी दोनों ने एक ही बेंच पर बैठकर खूब मस्ती की और साथ में कई तस्वीरें खिंचवाईं। लेकिन अगले ही दिन गंगा में दोनों के डूबने की खबर से स्कूल और कोचिंग में मातम छा गया।
तीसरे दोस्त सुमित ने बताया कि गंगा में डूबते समय भी रुद्र और अर्पण ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा। दोनों की मौत की खबर जैसे ही शिक्षकों और दोस्तों को मिली, सभी सदमे में आ गए। शिक्षक दिवस की तस्वीरों में दोनों साथ और खुश नजर आ रहे थे। परिवार और दोस्तों के लिए यह सबसे बड़ा दुख है कि जिन दोनों दोस्तों ने जिंदगी का हर पल साथ बिताया, मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी।
अर्पण विश्वास अपने परिवार का इकलौता बेटा था। नई झूंसी निवासी अर्पण के पिता अरुण परिवार का खर्च किसी तरह चला रहे थे, जबकि मां सुप्रिया बेटे की मौत के बाद बेसुध हैं। वहीं आवास विकास कॉलोनी योजना तीन के सेक्टर-10 निवासी रुद्र प्रताप दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता रविकांत सिंह देव नगर कॉलोनी में जनरल स्टोर चलाते हैं। रुद्र की मौत से छोटा भाई शौर्य प्रताप और मां हेमलता का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
हवेलिया के सोहम आश्रम के पास गंगा में हादसे का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल अप्रैल में भी यहां नहाने के दौरान दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी। नैका गांव के अर्पित (11), लवकुश (9) और वैभव (14) आम तोड़ने के बाद गंगा में नहाने पहुंचे थे। नहाते समय लवकुश गहरे पानी में जाने लगा तो अर्पित उसे बचाने पहुंचा, लेकिन दोनों डूबने लगे। वैभव ने उन्हें बचाने की कोशिश की और शोर मचाया। बाद में एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों ने तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद अर्पित का शव मिला, जबकि दूसरे किशोर का शव दो दिन बाद बरामद किया गया।