प्रयागराज न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, 25 अगस्त तक राज्य में स्वाइन फ्लू के 364 मामले सामने आ चुके हैं। अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की निगरानी, जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, फिलहाल राज्य में संक्रमण के किसी बड़े क्लस्टर की जानकारी नहीं है और ज्यादातर मामले अलग-अलग सामने आए हैं।
प्रयागराज मंडल में भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पड़ोसी कौशांबी जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है। मंझनपुर के जिला अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है और जांच के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध होने का दावा किया गया है। कौशांबी के दरानगर गांव की रहने वाली महिला 20 अगस्त को बीमार हुई थी। स्थानीय इलाज से राहत नहीं मिलने पर उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने उसके इलाके में सैनिटाइजेशन कराने के साथ संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
प्रयागराज जिले में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर तेज बहादुर सप्रू अस्पताल में 10 बेड और स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में 40 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार रखा गया है। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में सैंपल जांच के लिए चार टीमें बनाई गई हैं और पहले से मौजूद RT-PCR सुविधा को भी सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क लगाने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट के बाद पशुपालन विभाग ने भी सावधानी बढ़ा दी है। प्रयागराज में अलग-अलग फार्मों में करीब 8 हजार सूअर हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन यादव ने बताया कि सूअर स्वाइन फ्लू वायरस के वाहक हो सकते हैं। सभी पशुपालकों को सलाह दी गई है कि एक फार्म के सूअरों को दूसरे फार्म में न ले जाएं। किसी सूअर में बुखार या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सालय को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।