प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कों पर बने गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बनते जा रहे हैं। लाउदर रोड से लेकर बालसन चौराहे तक सड़क की खराब स्थिति के चलते बाइक और स्कूटी सवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है।
लाउदर रोड पर गड्ढे से लहराई बाइक
रात करीब 9:30 बजे मेडिकल कॉलेज चौराहे से एक युवक बाइक से बालसन चौराहे की ओर जा रहा था। जैसे ही वह मेडिकल कॉलेज के पिछले गेट से बालसन की तरफ बढ़ा, अचानक बाइक गड्ढे में चली गई। बाइक लहराने लगी, लेकिन रफ्तार कम होने के कारण युवक ने किसी तरह उसे संभाल लिया।
अगर बाइक की रफ्तार ज्यादा होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण सड़क की स्थिति का सही अंदाजा लगाना भी मुश्किल था।
बालसन चौराहे पर स्कूटी सवार गिरा
सुबह करीब 8:30 बजे विश्वविद्यालय की ओर से एक युवक स्कूटी से पार्वती हॉस्पिटल चौराहे की तरफ जा रहा था। जैसे ही स्कूटी बालसन चौराहे के पास पहुंची, जोर की आवाज हुई और उसका संतुलन बिगड़ गया।
स्कूटी सड़क पर गिर गई। युवक ने किसी तरह खुद को संभाला और खड़ा हो गया। उसे चोट नहीं आई, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण यहां भी हादसे का खतरा बना हुआ है।
बारिश में और खतरनाक हुईं सड़कें
बारिश के मौसम में शहर के कई प्रमुख और वीआईपी मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे और जगह-जगह खोदी गई सड़कें लोगों के लिए परेशानी बन गई हैं। लाउदर रोड, जवाहर लाल नेहरू रोड, पन्ना लाल रोड और सीएमपी डॉट पुल समेत कई रास्तों पर सड़क क्षतिग्रस्त है।
इन रास्तों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। सेंट जोसेफ, सेंट मैरीज, सेंट एंथोनी, जेटी गोल्डेन जुबिली, कर्नलगंज इंटर कॉलेज और जगत तारन गर्ल्स इंटर कॉलेज जैसे स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी इन मार्गों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भी इन्हीं रास्तों से गुजरना पड़ता है।
बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से रात के समय खतरा और बढ़ गया है। वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता कि सड़क पर कितना गहरा गड्ढा है।
डीएम ने मांगी प्रमुख सड़कों की रिपोर्ट
सड़कों की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने लोक निर्माण विभाग, पीडीए और नगर निगम से प्रमुख मार्गों की रिपोर्ट मांगी है। संबंधित विभागों को सड़कों का निरीक्षण कर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा एक्सईएन आरईडी को भी अपने विभाग के बजट से बनाई गई सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान प्रमुख मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना प्राथमिकता है। अब देखना होगा कि विभाग कब तक इन सड़कों की मरम्मत कराकर लोगों को गड्ढों से राहत दिलाते हैं।