प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की बेशकीमती जमीन पर कथित कब्जे और बिक्री का मामला सामने आया है। कसारी-मसारी आवास योजना में डेढ़ बीघे से ज्यादा जमीन पर 20 से अधिक लोगों के मकान बने होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इनमें डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने जमीन पर दो से तीन मंजिल तक के मकान बना लिए हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पीडीए ने जमीन का सर्वे कराया है और कब्जेदारों को चिह्नित किया गया है। आरोप है कि माफिया अतीक अहमद के करीबी रहे चंदन सिंह ने पीडीए की इस जमीन को कथित तौर पर बेच दिया। बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में रजिस्ट्री किसी दूसरी जगह की कराई गई, जबकि कब्जा पीडीए की जमीन पर दे दिया गया। हालांकि, जमीन की बिक्री और कब्जे से जुड़े इन दावों की पीडीए को अभी दस्तावेजों के आधार पर जांच करनी है।
इस जमीन की कीमत 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पीडीए के जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने मौके का निरीक्षण भी किया है। करीब 10 दिन पहले जमीन का सर्वे कराया जा चुका है और नवरात्र में दोबारा सर्वे किए जाने की बात कही जा रही है। प्राधिकरण की योजना है कि दीपावली से पहले चिह्नित कब्जेदारों को नोटिस जारी कर दिया जाए।
अब जांच में सबसे अहम यह देखा जाएगा कि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड क्या कहते हैं और मकान बनाने वालों के पास किस तरह के दस्तावेज हैं। जोनल अधिकारी सूरज पटेल के मुताबिक, कब्जेदारों के साथ जल्द बैठक की जाएगी। अगर जांच में जमीन पर कब्जे को सही साबित करने वाले जरूरी दस्तावेज नहीं मिले, तो नियम के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।