प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के होलागढ़ क्षेत्र में ITI छात्र हिमांशु सरोज की हत्या के बाद उपजा तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद, परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और घटना के 36 घंटे बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।
मामले की वर्तमान स्थिति और परिजनों की मांगें:
अंतिम संस्कार से इनकार: मृतक का शव पैतृक गांव राजापुर चौबारा (झौनी का पुरा) में रखा हुआ है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद से ही घरवाले शव के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग: परिजनों की मांग अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वे आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलवाने, परिवार को उचित मुआवजा देने और सुरक्षा की लिखित गारंटी की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि कोई उच्च अधिकारी (आला अफसर) मौके पर आकर इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे।
राजनीतिक संवेदनशीलता: मंगलवार को अखिलेश यादव के प्रयागराज आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन बेहद सतर्क है, ताकि इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और न गरमाए।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई:
एनकाउंटर में गिरफ्तारी: पुलिस ने सोमवार देर रात मुख्य आरोपी साहिल यादव को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। साहिल के पैर में गोली लगी है और वह अस्पताल में भर्ती है।
वीडियो साक्ष्य: घटना का एक 1.08 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल हिमांशु सड़क पर तड़पता दिख रहा है। वीडियो से यह भी स्पष्ट हुआ है कि हत्यारों को स्थानीय लोगों ने भागते हुए देखा था।
घटना का घटनाक्रम (मां की तहरीर के अनुसार):
हिमांशु की मां रीता के अनुसार, 10 मई की सुबह रौनक यादव नामक युवक ने हिमांशु को फोन करके नहर की पुलिया के पास बुलाया था। हिमांशु अपने दो दोस्तों (संदीप और अवनीश) के साथ वहां पहुंचा, जहां साहिल यादव दो अज्ञात साथियों के साथ पहले से मौजूद था। वहां मामूली विवाद और मारपीट के बाद साहिल ने हिमांशु के सीने में गोली मार दी। हालांकि, शुरुआत में विवाद की वजह बाइक टकराना बताई गई थी, लेकिन पुलिस अब सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहा है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे और अंतिम संस्कार संपन्न कराया जा सके।