प्रयागराज न्यूज डेस्क: यमुनापार के मेजा थाने में तैनात प्रभारी नितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त प्रभारी कमलेश यादव को काम में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक आरोपी को चार दिन तक थाने में बैठाए रखा और बाद में उसकी गिरफ्तारी 19 अगस्त को दिखाई। मामला कोर्ट तक पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू की थी।
आरोप के मुताबिक, कमलेश विश्वास को 15 अगस्त को उसकी क्लीनिक से पुलिस उठाकर थाने ले गई थी। इसके बाद उसे चार दिन तक थाने में रखा गया और 19 अगस्त को उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई। इस मामले को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत के आदेश पर पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की।
जांच के दौरान कमलेश विश्वास की क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आयुक्त ने मेजा थाना प्रभारी और अतिरिक्त प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कमलेश विश्वास के वकील के मुताबिक, जांच के दौरान मेजा इंस्पेक्टर ने अपनी लापरवाही स्वीकार की थी। वकील ने बताया कि इसके बाद कोर्ट ने कमलेश विश्वास को मामले में बरी कर दिया। पुलिस की ओर से अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।