प्रयागराज न्यूज डेस्क: नीबी कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। गांव में सन्नाटा छाया रहा, जिसे बीच-बीच में पुलिस वाहनों के सायरन और परिजनों की चीख-पुकार तोड़ती रही। पूरे गांव को सुरक्षा व्यवस्था के तहत छावनी में तब्दील कर दिया गया। घटना में जान गंवाने वाली इंद्रावती और अमरावती के बेटे बंगलूरू से घर पहुंचे तो दरवाजे पर अपनों के शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े।
मृतकों के परिजनों के अनुसार इंद्रावती का बेटा मुकेश और अमरावती का बेटा सुरेंद्र बंगलूरू में पानी-पूरी का व्यवसाय करते हैं। मां की मौत की सूचना मिलते ही दोनों फ्लाइट से गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे रोज अपनी मां से फोन पर बात करते थे, लेकिन कभी किसी खतरे या विवाद की जानकारी नहीं दी गई। दोनों बेटे अपनी मां के शव से लिपटकर देर तक रोते रहे और परिवार पर टूटे इस दुख को बयां करते रहे।
हत्याकांड के बाद परिवार की एक किशोरी को सुरक्षा कारणों से गांव नहीं लाया गया है। परिजनों का कहना है कि वह पिछले चार महीनों से अपने ननिहाल में रह रही है। किशोरी के मामा ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी लगातार परिवार को डराता-धमकाता था और घर के आसपास घूमकर वीडियो बनाता था। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं घटना के बाद किशोरी की मां की हालत भी बेहद खराब बताई जा रही है।
घटना को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भी आक्रोश है। कुछ संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई सर्किलों के एसीपी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात रहा। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर कार्रवाई की जा रही है।