प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में एक बार फिर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में पानी घटने के बाद 9 सितंबर की शाम 4 बजे तक दोनों नदियों के जलस्तर में हल्की बढ़त हुई। हालांकि, गंगा और यमुना अभी भी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे हैं और जिले के सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं।
9 सितंबर को यमुना का जलस्तर नैनी में 81.57 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। वहीं गंगा फाफामऊ में 81.77 मीटर, छतनाग में 81.09 मीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर 81.72 मीटर रही। इन जगहों पर क्रमश: 1, 4 और 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले 8 सितंबर की सुबह नैनी में यमुना 81.42 मीटर, फाफामऊ में गंगा 81.90 मीटर, छतनाग में 80.96 मीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर 81.57 मीटर दर्ज की गई थी।
जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच संगम क्षेत्र के कई निचले और धार्मिक इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी जमा है। रिवर फ्रंट रोड, नागवासुकी मंदिर, दारागंज घाट और श्री बड़े हनुमान मंदिर परिसर में पानी मौजूद है। संगम स्थित श्री लेटे हनुमान मंदिर का गर्भगृह अब भी पानी में डूबा हुआ है और लगातार 11वें दिन हनुमान जी शयन अवस्था में हैं।
प्रशासन की ओर से गंगा और यमुना के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं। पानी में कमी आने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन जिन इलाकों में पानी अभी भी जमा है, वहां से पूरी तरह जल निकासी में समय लग सकता है।