प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के जंगलों में कुछ दिन बिताने के बाद हाथियों का जोड़ा एक बार फिर लहुरियादह गांव के पास पहुंच गया। सोमवार देर रात हाथियों ने खेतों में घुसकर किसानों की मक्का की फसल रौंद दी। फसल बर्बाद होने की खबर से ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग रात के समय खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं।
किसान राम कैलाश यादव के मुताबिक, हाथियों ने उनके खेत में लगी मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया। जीवन लाल यादव और मुन्नन लाल यादव के खेत भी नहीं बच सके। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने खेत के पास बनी पटिया को भी तोड़ दिया। इससे किसानों को फसल के नुकसान के साथ अन्य नुकसान भी उठाना पड़ा है।
बताया जा रहा है कि यह जोड़ा बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से भटककर इस इलाके में पहुंचा है। 29 अगस्त की रात हाथी ड्रमंडगंज के बबुरा रघुनाथ सिंह जंगल में पहुंचे थे और इसके बाद महुगढ़ी, लहुरियादह और कटरा के जंगलों में घूमते रहे। 2 सितंबर की रात भी हाथियों ने लहुरियादह में फसलों को नुकसान पहुंचाया था। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय हाथी सुबह टकटइया बंधी के पीछे जंगल की तरफ चले गए थे। 4 सितंबर को दोनों प्रयागराज के बैठकवा जंगल में पहुंचे और बाद में अंतरेंजी, संसारपुर व महुली पियरी के जंगलों में करीब तीन दिन रहे।
अब प्रयागराज से वापस लौटकर हाथियों ने फिर लहुरियादह का रुख कर लिया है। रेंजर रविशंकर शर्मा ने बताया कि मंगलवार दोपहर दोनों हाथियों का जोड़ा मध्य प्रदेश की सीमा के पास भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव के जंगल में देखा गया। हालांकि, उनका कहना है कि उन्हें लहुरियादह में सोमवार देर रात हाथियों के पहुंचने की जानकारी नहीं मिली थी। लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।