प्रयागराज न्यूज डेस्क: माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को सोमवार को करीब तीन साल पुराने रंगदारी के मामले में प्रयागराज कोर्ट में पेश किया गया। अली ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया और करीब दो घंटे तक वहां रहा। पेशी के बाद बाहर निकलने पर मीडिया कर्मियों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे रोक दिया। पुलिस अली को सीधे वैन में बैठाकर ले गई और वैन पर पर्दे डाल दिए। इसके बाद 3 गाड़ियों के काफिले और 35 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा में उसे झांसी रवाना किया गया। रात करीब 11 बजे अली को झांसी जेल में दाखिल कराया गया।
इसी मामले में कासगंज जेल में बंद आसाद कालिया की भी कोर्ट में पेशी हुई और उसका बयान दर्ज कराया गया। दोनों की पेशी को देखते हुए एडीजे कोर्ट के अंदर और बाहर 250 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। अली के कोर्ट से बाहर निकलते समय बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। वे उससे हाथ मिलाने और बातचीत करने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने किसी तरह अली को भीड़ से बाहर निकाला। अली सुबह करीब 6 बजे झांसी से प्रयागराज के लिए निकला था और दोपहर साढ़े 12 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट पहुंचा था। वह सफेद टोपी, शर्ट और जींस पहने था और उसके हाथों में रस्सी बंधी थी।
अली को प्रयागराज लाए जाने की जानकारी मिलने पर उसका भाई अहजम भी काफिले के पीछे कार से चल रहा था। कौशांबी में पुलिस ने उसकी कार रोककर जांच की। पूछताछ में अहजम ने बताया कि उसे अली को जेल से प्रयागराज लाए जाने की जानकारी मिली थी, इसलिए वह पीछे-पीछे आ रहा था। पुलिस ने उसे काफिले के साथ आगे चलने से मना कर दिया। वहीं, रंगदारी का मामला करीब तीन साल पुराना है। प्रयागराज के किसान अफजल ने अली समेत 5 लोगों के खिलाफ करेली थाने में FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि अली के कहने पर उसके गुर्गों ने अफजल से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी, उसके साथ मारपीट की और सादे स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए।
FIR के मुताबिक, अफजल की एनूद्दीनपुर गांव में जमीन है। 7 अगस्त 2023 को कुछ लोगों के जमीन पर कब्जे के लिए पहुंचने की सूचना पर वह अपने भतीजे अमीर हमजा के साथ वहां गया था। बाद में लौटते समय फैजान, अल्तमस और एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बाइक रोककर कथित तौर पर मारपीट की और अली व आसाद का संदेश देते हुए जमीन देने या 30 लाख रुपये देने की बात कही। आरोप है कि रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई और सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए गए। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 307, 386, 341, 323, 504, 506 और 120-B के तहत केस दर्ज किया था। अली ने 30 जुलाई 2022 को प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था और बाद में उसे नैनी जेल भेजा गया। 17 जून 2025 को बैरक से कैश मिलने के बाद उसे सिक्योरिटी सेल भेजा गया और 1 अक्टूबर 2025 को झांसी जेल शिफ्ट कर दिया गया। इससे पहले 8 अगस्त को छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से पैरोल मिलने पर अली प्रयागराज आया था। अबान की 6 अगस्त को झांसी में हाईवे पर कार डिवाइडर से टकराने से मौत हो गई थी।