प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के झूंसी स्थित तुलापुर निवासी अधिवक्ता जागृति शुक्ला का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह दारागंज श्मशान घाट पर किया गया। उनके पिता पवन शुक्ला ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जागृति शुक्ला 20 मई को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय ले जाया गया था। परिजनों और वकीलों का आरोप था कि उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं मिला, जिसके बाद अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद और मारपीट की घटना भी हुई थी। इस मामले में डॉक्टरों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
बाद में जागृति को बेहतर इलाज के लिए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 8 जून को उनका निधन हो गया। उनकी मौत की खबर सामने आते ही अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं, जागृति के पिता पवन शुक्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी बेटी के निधन पर किसी तरह की राजनीति या हंगामा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी होगी और उनकी आत्मा को भी कष्ट पहुंचेगा।