प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की हत्या से जुड़ा 59 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। वीडियो में सतीश और मामले के मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। इसी दौरान रिवॉल्वर से गोली चलती है, जो सतीश के पेट में लगती है। वीडियो में चेहरे कपड़े से ढके करीब 9-10 लोग एक कमरे में घुसते नजर आते हैं। मौके पर कुछ पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं।
सतीश की 15 अक्टूबर को नजूल की जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मुख्य आरोपी देवेंद्र और उसके बेटे नृपेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। देवेंद्र का दूसरा बेटा अमरेंद्र मिश्रा और पत्नी शैल मिश्रा भी नामजद हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है, जबकि वीडियो में दिख रहे 10 अज्ञात लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
वीडियो में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
सोमवार को सामने आए वीडियो की शुरुआत में चेहरे कपड़े से ढके 9-10 लोग एक कमरे में दाखिल होते दिखते हैं। इनमें से ज्यादातर ने काले कोट पहन रखे हैं। कमरे के अंदर हाथापाई होती है और फिर लोग तेजी से बाहर निकलते नजर आते हैं।
वीडियो के अगले हिस्से में एक मकान के बाहर दो गुटों के बीच कहासुनी और मारपीट होती दिखाई देती है। लोग लाठी-डंडों से हमला करते और एक-दूसरे को धक्का देते नजर आते हैं। इसी दौरान पीली टी-शर्ट पहने सतीश रॉड से देवेंद्र पर वार करते हैं, जिससे देवेंद्र पीछे गिर जाते हैं। तभी रिवॉल्वर से गोली चलती है और सतीश के पेट में लग जाती है।
गोली लगने के बाद सतीश पेट पर हाथ रखकर पीछे हटते हैं और जमीन पर गिर जाते हैं। वीडियो में उनकी बेटी वैशाली भी दिखाई देती हैं। वह पिता की ओर दौड़ती हैं, लेकिन गोली लगने की बात सुनकर पलटती हैं। सतीश को अचेत देखकर वह चीखने लगती हैं। यह वीडियो सतीश के सलोरी स्थित मकान का बताया जा रहा है।
नजूल की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक, नजूल की संपत्ति पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद था। इस मामले में पहले भी एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पुलिस का आरोप है कि 15 अक्टूबर को देवेंद्र अपने बेटे नृपेंद्र और अन्य लोगों के साथ विवादित जमीन पर पहुंचा था। आरोप है कि वे बाउंड्री पार करके अंदर घुसे और सतीश के साथ मारपीट की। इसी दौरान देवेंद्र ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से सतीश को गोली मार दी।
गंभीर हालत में सतीश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी वर्षा श्रीवास्तव की शिकायत पर देवेंद्र, उसके दोनों बेटों अमरेंद्र और नृपेंद्र, पत्नी शैल समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। देवेंद्र और नृपेंद्र जेल में हैं, जबकि अमरेंद्र, शैल और 10 अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
चार घंटे तक घर पर रखा रहा शव, परिवार ने रखीं मांगें
सतीश की मौत के बाद परिवार ने आर्थिक मदद, दोनों बेटियों को सरकारी नौकरी और परिवार को आजीवन सुरक्षा देने की मांग की थी। उनकी पत्नी वर्षा ने अधिकारियों से कहा था कि सतीश परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। उनके जाने के बाद परिवार और दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता है। परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, क्रॉस एफआईआर दर्ज न करने और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग भी रखी थी।
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार को दोपहर करीब 2:30 बजे शव घर पहुंचा, लेकिन परिवार ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिजनों को समझाते रहे। करीब चार घंटे बाद, शाम 6:30 बजे दो आरोपियों की गिरफ्तारी और बाकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुआ।
आर्म्स एक्ट की धारा 30 भी जोड़ी गई
पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 30 भी जोड़ी है। यह धारा हथियार के लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने से जुड़ी है। पुलिस जांच कर रही है कि वारदात में लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल कैसे हुआ और इससे जुड़े अन्य पहलू क्या हैं।
हत्या के बाद अधिवक्ताओं और परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता समेत कई मांगों को लेकर विरोध जताया था। शनिवार शाम परिजनों ने जिला पंचायत कार्यालय से जिलाधिकारी आवास तक कैंडल मार्च निकाला और निष्पक्ष जांच सहित अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।