प्रयागराज न्यूज डेस्क: उमेश पाल हत्याकांड के करीब साढ़े तीन साल बाद इस केस से जुड़ा पांच लाख रुपये का इनामी आरोपी अरमान पुलिस के हाथ लगा है। दरअसल, अरमान इन 43 महीनों में फरार नहीं था, बल्कि गया सेंट्रल जेल में बंद था। प्रयागराज पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद उसे जेल से बाहर लाकर अब प्रयागराज लाया गया है। पुलिस के मुताबिक, 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों पर हुए हमले के समय अरमान बाइक चला रहा था और उसके पीछे बमबाज गुड्डू मुस्लिम बैठा था।
हत्याकांड के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि कुछ आरोपी एनकाउंटर में मारे गए और बाकी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। लेकिन गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन अभी तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। ऐसे में अरमान की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि वारदात के बाद अरमान और गुड्डू किस रास्ते से भागे, दोनों कब अलग हुए और गुड्डू मुस्लिम आखिर कहां चला गया। फरारी के दौरान उसे किसने ठिकाना या दूसरी मदद दी, इसे लेकर भी पूछताछ हो सकती है।
अरमान का नाम सिर्फ गुड्डू मुस्लिम के साथ बाइक पर होने की वजह से अहम नहीं है। उसे अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के करीब रहने वाला भी बताया जाता रहा है। इसी वजह से पुलिस शाइस्ता की फरारी से जुड़े नेटवर्क के बारे में भी उससे जानकारी लेने की कोशिश कर सकती है। क्या अरमान को शाइस्ता के आने-जाने और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी थी, क्या गुड्डू के लिए पहले से कोई सुरक्षित ठिकाना तय था और वारदात के बाद किसने उसकी मदद की, इन सवालों के जवाब जांच के दौरान तलाशे जाएंगे। हालांकि अरमान के पास इन दोनों के बारे में कितनी जानकारी है, यह पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
गया के रहने वाले अरमान ने उमेश पाल हत्याकांड के कुछ दिन बाद 27 फरवरी 2023 को कटारी तालाब के पास एक अंडा कारोबारी पर गोली चलाने के पुराने मामले में गया कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद से वह गया सेंट्रल जेल में ही बंद था। उसके पिता समीम मलिक ने बताया कि उनका बेटा यूपी से भागकर गया आया था और पुराने मामले में उसने आत्मसमर्पण किया था। बेटे को उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ ले जाए जाने पर उन्होंने एनकाउंटर की आशंका भी जताई है। समीम का कहना है कि अरमान अतीक अहमद के साथ नहीं रहता था, बल्कि शाइस्ता और मली भाई के साथ रहता था। उनका दावा है कि अरमान यूपी में एक बर्फ फैक्ट्री में काम करता था और बाद में कुछ लोगों ने उसका नाम अतीक अहमद से जोड़ दिया।