प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में पिकअप चोरी की एफआईआर दर्ज करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में मांडा थाने के इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित का आरोप है कि चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उससे 5 हजार रुपये लिए गए थे। शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा और हेड कांस्टेबल उज्जवल कुमार पर कार्रवाई की गई।
मामला तब सामने आया जब मांडा निवासी आशीष केशरी ने मंगलवार को पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मांडा थाने की टीम से जानकारी मांगी और डीसीपी यमुनानगर को कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले की विस्तृत जांच एसीपी मेजा को सौंपी गई है।
13 मई को चोरी हुआ पिकअप, 27 मई को दर्ज हुई FIR
आशीष केशरी के मुताबिक, उनका पिकअप 13 मई को चोरी हो गया था। वह शिकायत लेकर मांडा थाने पहुंचे, लेकिन कई दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें डांटकर वहां से भेज दिया।
इसके बाद थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर तैनात हेड कांस्टेबल उज्जवल कुमार ने कथित तौर पर एफआईआर दर्ज करने के बदले 5 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित का दावा है कि रकम देने के बाद 27 मई को पिकअप चोरी की एफआईआर दर्ज की गई।
FIR दर्ज होने के बाद भी नहीं मिला पिकअप
आशीष का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने पिकअप की बरामदगी के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की। वह लगातार थाने और चौकी के चक्कर लगाता रहा। उसका आरोप है कि जब वह केस की प्रगति पूछने और कार्रवाई की मांग करने जाता था तो उसे ही मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
मामला पुलिस आयुक्त तक पहुंचने के बाद मांडा थाने में अधिकारियों से पूछताछ की गई। इस दौरान शिकायतकर्ता से लिए गए 5 हजार रुपये वापस किए जाने की बात भी सामने आई।
जांच में पैसे लेने की बात सामने आई
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा और हेड कांस्टेबल उज्जवल कुमार को निलंबित किया गया है। मामले की विस्तृत जांच एसीपी मेजा को सौंपी गई है और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसीपी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर तैनात हेड कांस्टेबल द्वारा पैसे लिए जाने की पुष्टि हुई है। वहीं, थाना प्रभारी पर मामले में कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने के आरोप भी सामने आए हैं।
मांडा थाने पर पहले भी लग चुके हैं वसूली के आरोप
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मांडा थाने में इससे पहले भी अवैध वसूली के आरोप लग चुके हैं। ऐसे मामलों में पहले दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
एक अन्य मामले में बैंक की गलती से एक युवती के खाते में 50 हजार रुपये पहुंच गए थे। युवती ने बैंक के संपर्क करने पर रकम वापस कर दी थी। इसके बावजूद उसके पिता को थाने बुलाकर दबाव बनाने का आरोप लगा था। इस मामले में भी दो पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
अब पिकअप चोरी की एफआईआर दर्ज करने के बदले कथित तौर पर पैसे लेने के मामले में जांच आगे बढ़ाई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।