प्रयागराज न्यूज डेस्क: रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार डाक विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष अग्रवाल के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने प्रधान डाकघर और आरोपी के आवास पर व्यापक तलाशी अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की गहन पड़ताल की।
सीबीआई की टीम सुबह करीब 11:30 बजे प्रधान डाकघर पहुंची और देर रात तक विभिन्न अनुभागों में मौजूद दस्तावेजों की जांच करती रही। इस दौरान निर्माण कार्यों की स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया, ठेकेदारों से संबंधित अभिलेखों, विभागीय अनुमोदनों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी फाइलों को खंगाला गया। जांच एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी आगे विस्तृत जांच की जाएगी।
इसी बीच सीबीआई की दूसरी टीम सुलेमसराय स्थित शेरवानी लीगेसी आवास पहुंची, जहां आशीष अग्रवाल के घर पर घंटों तक तलाशी ली गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने रिश्वत मांगने के आरोप, भुगतान रोकने की प्रक्रिया, विभागीय मंजूरियों और विभिन्न निर्माण कार्यों में उनकी भूमिका को लेकर सवाल-जवाब किए। सीबीआई यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित भ्रष्टाचार का दायरा कितना व्यापक है।
जांच के दौरान विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए। सीबीआई ने निर्माण कार्यों, भुगतान व्यवस्था और कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी जुटाई है। एजेंसी का कहना है कि एकत्र किए गए दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।