प्रयागराज न्यूज डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के शृंग्वेरपुर धाम में आयोजित निषादराज जयंती समारोह में भाग लिया। उन्होंने महाकुंभ 2025 की तैयारियों और प्रयागराज की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। सीएम योगी ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने पहले कुंभ की भूमि पर दावा किया था, लेकिन अब इसकी मनमानी पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि वक्फ बोर्ड से जुड़ा एक अहम विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है और जल्द ही राज्यसभा में भी पास हो जाएगा, जिससे इसे केवल कल्याणकारी कार्यों तक सीमित कर दिया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 579 करोड़ रुपये की 181 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और युवा उद्यमी योजना के तहत कई उद्यमियों को स्वीकृति पत्र सौंपे। इसके अलावा, पीएम और सीएम आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं, महिलाओं को रिवॉल्विंग फंड के तहत ऋण वितरित किया गया, और निषादराज बोट योजना के तहत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, डॉ. संजय कुमार निषाद समेत कई स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीएम योगी ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों को प्रयागराज की नई पहचान का आधार बताते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत को नजरअंदाज किया था। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज अब अपनी वैश्विक पहचान बना चुका है, जिसे किसी और शहर के संदर्भ में बताने की जरूरत नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 के कुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे, जिससे इसकी भव्यता और दिव्यता पूरी दुनिया ने देखी।
मुख्यमंत्री ने निषादराज की पौराणिक भूमि और अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर हुए अवैध कब्जों को लेकर भी पूर्व सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और शृंग्वेरपुर धाम की पौराणिक भूमि पर अतिक्रमण की कोशिशें की गईं, लेकिन उनकी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाकर इन्हें विफल कर दिया। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से महाकुंभ जैसे आयोजन भव्य और दिव्य रूप में सफल हो रहे हैं, जिससे प्रयागराज की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को और अधिक मजबूती मिली है।