प्रयागराज न्यूज डेस्क: 13 जनवरी 2025 से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचे और यहां कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाकुंभ भारत की आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का एक पवित्र महोत्सव है। इस आयोजन के लिए तैयारियों का जायजा लेने और विकास कार्यों के उद्घाटन के लिए उन्हें प्रयागराज आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
पीएम मोदी ने महाकुंभ के आयोजन में भाग लेने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में स्थित संगम की पवित्र भूमि को वह श्रद्धापूर्वक प्रणाम करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने महाकुंभ की सफलता में दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों, श्रमिकों और सफाईकर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जो लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, यह आयोजन 45 दिनों तक चलता है, जो एक ऐतिहासिक कार्य है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महाकुंभ एकता का प्रतीक होगा और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। वह इस आयोजन की भव्य सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने भारत की पवित्र नदियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को पवित्र स्थलों और नदियों का देश कहा जाता है, जैसे गंगा, यमुना, कावेरी, और नर्मदा। ये नदियां और उनके संगम ही हमारे धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व का प्रतीक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ की महत्वता पर जोर देते हुए कहा कि यह आयोजन हमारे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा का जीवंत प्रतीक है। महाकुंभ हर बार धर्म, भक्ति, ज्ञान और कला का अद्भुत समागम होता है। उन्होंने कहा कि कुंभ कोई बाहरी आयोजन नहीं, बल्कि यह मानवता के अंतर्मन का जागृत होना है। यही चेतना भारत के कोने-कोने से लोगों को संगम की पवित्र धरती तक खींच लाती है।
पीएम मोदी ने महाकुंभ में संगम में डुबकी लगाने के महत्व को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ वह जगह है जहां हर भारतीय एकता का प्रतीक बनकर एकत्रित होता है। यहां आने वाला हर व्यक्ति भारतीयता और देश की शक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाकुंभ में प्रत्येक व्यक्ति एकता और सामाजिक सद्भावना का संदेश देता है।
सफाईकर्मियों को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्वच्छता का अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के आयोजन के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम को तेजी से लागू किया गया है। प्रयागराज शहर की स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही गंगा के महत्व को जागरूक करने के लिए गंगादूत, गंगा प्रहरी और गंगा मित्रों को नियुक्त किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 15,000 से अधिक सफाईकर्मी इस बार कुंभ की स्वच्छता का ध्यान रखेंगे। उन्होंने सफाईकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से ही इस आयोजन की सफलता संभव हो पाई है। उन्होंने अपने सफाईकर्मी भाइयों-बहनों का आभार व्यक्त किया और उनके योगदान की सराहना की।
अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर और एकता का प्रतीक है, जो पूरे विश्व में एक सकारात्मक संदेश भेजता है।