प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज महाकुंभ 2025 की भव्यता को लेकर प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विशेष कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखने के लिए फैक्ट्रियों को बंद करने की योजना भी शामिल है। महाकुंभ के दौरान गंगा की सफाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि नदी में किसी भी प्रकार का प्रदूषण न पहुंचे। इस दिशा में विशेष स्नान वाले दिन से चार दिन पहले प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है।
गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए यह आदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों के 543 उद्योगों पर लागू होगा, जो कुल 24 दिनों तक बंद रहेंगे। उद्योगों को बंद रखने का यह निर्णय उन दिनों के लिए लिया गया है जब गंगा में विशेष स्नान होगा। महाकुंभ का पहला स्नान 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा पर होगा और पहला शाही स्नान मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को होगा। इन तारीखों के चार दिन पहले से ही प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद किया जाएगा।
इन उद्योगों को बंद करने का फैसला बिजनौर, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर जैसे जिलों में लागू होगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उद्योगों का संचालन बंद होने से गंगा नदी के सहायक नदियों से गंदगी न मिले। यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर विकास मिश्रा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम गंगा नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, इस कदम का उद्योगों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन इसे प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी बताया जा रहा है। खासतौर पर, उद्योगों का ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) नियमित रूप से चेक किया जाएगा और अगर किसी इकाई में ईटीपी बंद पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उद्योगों द्वारा प्रदूषण का स्तर नियंत्रित किया जाए।
इसके अलावा, डिस्ट्रिक्ट लेबर कमिश्नर ने कहा है कि इन दिनों में उद्योगों के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। इस आदेश के तहत ही किसी भी प्रकार का एक्शन लिया जाएगा, ताकि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखा जा सके और उन्हें परेशानी न हो।