प्रयागराज न्यूज डेस्क: महाकुंभ में महास्नान के लिए प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ में अब थोड़ी कमी देखी जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण कई ट्रेनों का रद्द होना और कुछ का प्रयागराज से पहले ही डायवर्ट कर दिया जाना है। इससे कई श्रद्धालु यात्रा पूरी नहीं कर सके और कुछ को ब्रेक जर्नी का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान पवन एक्सप्रेस में दर्जनों यात्री डायवर्ट रूट की वजह से चढ़ते नजर आए। वहीं, कई श्रद्धालु अपनी यात्रा स्थगित कर घर वापस लौट गए।
महाशिवरात्रि के लिए रेलवे ने भेजा कुंभ स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव
महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या एक बार फिर बढ़ने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए समस्तीपुर रेलमंडल ने रेलवे बोर्ड को छह कुंभ मेला स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव भेजा है। इन ट्रेनों का रूट मुजफ्फरपुर से प्रस्तावित किया गया है, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। वहीं, 21 से 25 फरवरी तक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए छह अन्य कुंभ स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाया जा सके।
रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां भीड़ नियंत्रण में जुटीं
महाशिवरात्रि पर संभावित भीड़ को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आरपीएफ, जीआरपी, एसडीआरएफ, कामर्शियल और परिचालन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। जिला पुलिस की महिला और पुरुष टीमों को भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है। एरिया अफसर रविशंकर महतो देर रात तक रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहते हैं और यात्रियों के चढ़ने के बाद ही ट्रेनों को रवाना करने की अनुमति दी जा रही है। यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए लिच्छवी एक्सप्रेस को 28 फरवरी तक के लिए रद्द कर दिया गया है।
लेट ट्रेनों ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की परेशानी
बुधवार को पवन एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में देरी के कारण हजारों श्रद्धालु स्टेशन पर इंतजार करते रहे। पवन एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से रात 2 बजे आई, जबकि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस सवा एक बजे पहुंची, जिससे कई श्रद्धालु अपनी निर्धारित यात्रा नहीं कर सके। आखिरकार, वे बरौनी-अहमदाबाद, बरौनी-लखनऊ और बरौनी-ग्वालियर एक्सप्रेस जैसी अन्य ट्रेनों से प्रयागराज रवाना हुए। जो यात्री इन ट्रेनों से भी छूट गए, वे अगली सुबह लिच्छवी एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचे।