प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दिघिया पुलिस चौकी इन दिनों अपनी प्रशासनिक उदासीनता के कारण चर्चा में है। लगभग पंद्रह दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान की वजह से चौकी का आधिकारिक सांकेतिक बोर्ड उखड़कर गिर गया था, जो पखवाड़े भर बाद भी उसी बदहाल स्थिति में जमीन पर पड़ा है। इस अनदेखी से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है और वे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस चौकी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी स्थान का बोर्ड गिरना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विभाग की लापरवाही का प्रतीक है। नागरिकों का आरोप है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इस समस्या की पूरी जानकारी है और कई बार मौखिक रूप से सूचित भी किया गया है, इसके बावजूद बोर्ड को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठाई गई। पंद्रह दिनों से बोर्ड का क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े रहना प्रशासन की छवि को धूमिल कर रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस चौकी का बोर्ड उसकी पहचान होता है और दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए मार्गदर्शक का काम करता है। सरकारी व्यवस्था के प्रतीक चिन्ह का इस तरह अपमानजनक स्थिति में होना अनुचित है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब पुलिस अपनी ही चौकी के बोर्ड का रखरखाव नहीं कर सकती, तो क्षेत्र की अन्य समस्याओं के प्रति वह कितनी सजग होगी, यह सोचने वाला विषय है।
इस मामले को लेकर अब क्षेत्र के लोगों ने उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने अपील की है कि संबंधित अधिकारी इस मामले का संज्ञान लें और तत्काल नया बोर्ड लगवाया जाए। साथ ही, उन्होंने इस तरह की लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है ताकि सरकारी संपत्तियों और प्रतीकों की गरिमा को बहाल किया जा सके।