प्रयागराज न्यूज डेस्क: संगमनगरी प्रयागराज के लोग इन दिनों बेहद प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। तय मानकों के मुताबिक पीएम-10 का स्तर 100 और पीएम-2.5 का स्तर 60 से नीचे होना चाहिए, लेकिन रविवार दोपहर तीन बजे प्रयागराज में पीएम-10 करीब 300 और पीएम-2.5 लगभग 250 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। यह स्तर सीधे तौर पर खतरनाक श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार को प्रयागराज का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया, जो इस साल का दूसरा सबसे खराब आंकड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक हालात में किसी खास सुधार की उम्मीद नहीं है। शहर के आसमान में धूल और धुएं की मोटी परत छाई हुई है, जो खासकर सुबह और शाम के वक्त साफ नजर आती है।
झूंसी इलाके में स्थिति और भी गंभीर रही, जहां पीएम-2.5 का स्तर 300 तक पहुंच गया, जबकि पीएम-10 करीब 235 दर्ज किया गया। वहीं तेलियरगंज और सिविल लाइंस में तकनीकी खराबी के कारण लाइव एयर मॉनिटरिंग सेंसर दिनभर बंद रहे, जिससे इन इलाकों के ताजा आंकड़े सामने नहीं आ सके। इससे लोगों को प्रदूषण की वास्तविक स्थिति समझने में परेशानी हुई।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक झूंसी, सिविल लाइंस और तेलियरगंज में लगाए गए सेंसर की देखरेख एक निजी कंपनी कर रही है। कंपनी के सर्विस इंजीनियर ने बताया कि तकनीकी कारणों से कुछ मशीनें काम नहीं कर सकीं। बढ़ते प्रदूषण के पीछे स्मॉग और जलते अलाव को मुख्य वजह बताया गया है, जिसने शहर की हवा को और जहरीला बना दिया है।