प्रयागराज न्यूज डेस्क: वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव परिणामों की तुलना यदि एसआईआर के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची से की जाए, तो कई सीटों पर आगामी चुनाव में सियासी तस्वीर बदलती नजर आ रही है। अधिकांश क्षेत्रों में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जबकि पिछली बार जीत-हार का अंतर काफी कम था, जिससे नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है।
हंडिया विधानसभा सीट पर 2022 में समाजवादी पार्टी के हाकिम लाल बिंद ने निषाद पार्टी के प्रशांत कुमार सिंह को मात्र 3,543 मतों से हराया था। वहीं अब नई सूची में इस क्षेत्र से 64,980 मतदाताओं के नाम हट गए हैं, जो पिछले जीत के अंतर से कई गुना अधिक है। इसी तरह सोरांव सीट पर सपा की गीता शास्त्री ने अपना दल एस के डॉ. जमुना प्रसाद को 5,884 वोटों से हराया था, लेकिन अब यहां 45,951 मतदाता कम हो गए हैं।
करछना सीट पर भाजपा के पीयूष रंजन निषाद ने सपा के उज्ज्वल रमण सिंह को 9,328 मतों से मात दी थी, जबकि नई सूची में यहां 87,794 नाम घट गए हैं। मेजा सीट पर भी सपा के संदीप सिंह ने भाजपा की नीलम करवरिया को 3,543 वोटों से हराया था, लेकिन अब 47,757 मतदाता कम हो गए हैं। वहीं फूलपुर सीट पर भाजपा के प्रवीण पटेल की 2,732 वोटों की जीत के मुकाबले 72,767 मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं।
फाफामऊ, इलाहाबाद उत्तर, पश्चिम और दक्षिण सीटों पर भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिला है। फाफामऊ में 49,585, इलाहाबाद उत्तर में 1,45,810, इलाहाबाद पश्चिम में 99,509 और इलाहाबाद दक्षिण में 99,059 वोटर कम हुए हैं। ऐसे में साफ है कि मतदाता सूची में इस बड़े बदलाव से आगामी चुनाव में जीत-हार के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।