प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. आदित्य की संदिग्ध मौत ने मेडिकल सिस्टम में चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि करीब नौ महीने पहले एसआरएन अस्पताल में तैनात डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की भी इसी तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी। दोनों मामलों में कई चौंकाने वाली समानताएं सामने आई हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
डॉ. आदित्य जहां जॉर्जटाउन स्थित एक फ्लैट के बाथरूम में बंद मिले, वहीं डॉ. कार्तिकेय अस्पताल परिसर में खड़ी कार के अंदर पाए गए थे। दोनों के हाथ में कैनुला लगा था और तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। दोनों घटनाएं देर रात हुईं और पोस्टमार्टम से मौत की वजह साफ नहीं हो सकी, जिसके चलते विसरा जांच के लिए सुरक्षित किया गया।
प्रारंभिक जांच में दोनों मामलों में दवा के ओवरडोज, इंजेक्शन के प्रभाव या अचानक हार्ट अटैक जैसी आशंकाएं जताई गई हैं, लेकिन किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस दोनों मामलों में मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है, जिससे सच्चाई सामने लाई जा सके।
दोनों डॉक्टरों के परिजनों की चुप्पी भी इस रहस्य को और गहरा कर रही है, क्योंकि अब तक किसी ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल पूरी जांच विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस बीच मेडिकल कॉलेज में शोक का माहौल है और सभी की नजरें अब इस रिपोर्ट पर हैं, जो इन मौतों के पीछे की असली वजह सामने ला सकती है।