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मानसून में सुरक्षित सफर के लिए रेलवे का बड़ा प्लान: पुलों और संवेदनशील ट्रैक पर तैनात होंगे 'स्थायी पहरेदार'

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Posted On:Saturday, May 30, 2026

प्रयागराज न्यूज डेस्क: आगामी मानसून के दौरान रेल यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए भारतीय रेलवे ने एक बेहद कड़ा और अत्याधुनिक सुरक्षा खाका तैयार किया है। भारी बारिश के कारण पटरियों पर होने वाले हादसों, मिट्टी धंसने (Landslide) और पुलों के ऊपर जलस्तर बढ़ने के खतरों से निपटने के लिए रेलवे इस बार 'स्थायी पहरेदार' (Stationary Watchman) तैनात करने जा रहा है।

​उत्तर केंद्रीय रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य न केवल हादसों को शून्य पर लाना है, बल्कि खराब मौसम में भी ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता को बनाए रखना है।

​इस बार मानसून के मद्देनजर रेलवे द्वारा जारी किए गए प्रमुख रणनीतिक कदम और निर्देश निम्नलिखित हैं:

​1. 24 घंटे तैनात रहेंगे 'स्थायी पहरेदार'

​देशभर के उन सभी रेल पुलों, अंडरपास और संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है, जहां पूर्व में जलभराव या मिट्टी कटने की घटनाएं हुई हैं। इन चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर 'स्थायी पहरेदार' तैनात किए जाएंगे, जो:

​चौबीसों घंटे निगरानी: 24 घंटे लगातार जलस्तर (Water Level) और रेलवे ट्रैक की बारीकी से निगरानी करेंगे।

​त्वरित सूचना प्रणाली: किसी भी आपातकालीन स्थिति या खतरे की आशंका होते ही ये कर्मचारी तुरंत नजदीकी स्टेशन मास्टर और मुख्य कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, ताकि ट्रेनों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सके।

​2. अधिकारियों की केबिन और ट्रॉली पेट्रोलिंग

​सुरक्षा व्यवस्था को केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर न छोड़कर, इस बार शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।

​नियमित स्थलीय निरीक्षण: सहायक मंडल अभियंता (Assistant Divisional Engineer) से लेकर वरिष्ठ मंडल अभियंता (Senior Divisional Engineer) स्तर के अधिकारी खुद नियमित रूप से ट्रेन के इंजन के केबिन में बैठकर और रेल ट्रॉली के जरिए पटरियों की मजबूती की जांच करेंगे।

​3. मौसम विभाग (IMD) से सीधा समन्वय

​रेलवे कंट्रोल रूम और मौसम विज्ञान विभाग के बीच इस बार सीधा और रियल-टाइम समन्वय (Direct Coordination) रहेगा।

​गैंग मेट को विशेष अधिकार: खराब मौसम या भारी बारिश की चेतावनी मिलते ही ग्राउंड पर तैनात गैंग मेट और पेट्रोलमैन को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।

​विवेक के आधार पर गश्त: यदि रात के समय अचानक मौसम बिगड़ता है या मूसलाधार बारिश शुरू होती है, तो गैंग मेट को यह विशेष अधिकार दिया गया है कि वे बिना उच्च आदेश का इंतजार किए, अपने विवेक से तुरंत ट्रैक पर गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ा सकेंगे।

​4. मानसून को लेकर रेलवे के प्रमुख निर्देश

​रेलवे बोर्ड और क्षेत्रीय मुख्यालयों द्वारा ट्रैक प्रबंधन को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं:

​ड्रेनेज व्यवस्था की दुरुस्तगी: सभी स्टेशन यार्डों और पटरियों के किनारे जल निकासी (Drainage System) की सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि पटरियों पर पानी जमा न हो सके।

​चट्टानों और पेड़ों का प्रबंधन: पहाड़ी और घाट वाले रेल रूटों पर पटरियों के आसपास की ढीली चट्टानों (Loose Rocks) को पहले ही हटा लिया जाए और खतरनाक रूप से झुके हुए पेड़ों की छंटाई की जाए ताकि वे आंधी-पानी में ट्रैक पर न गिरें।

​पेट्रोलिंग में मुस्तैदी: मौसम विभाग की ओर से 'ऑरेंज' या 'रेड' अलर्ट मिलते ही संबंधित रूटों पर तुरंत अतिरिक्त पेट्रोलिंग टीमें रवाना की जाएं।


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