प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज की मनसैता नदी की तराई में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का खुलासा हुआ है। नदी किनारे बने टीले गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर असर पड़ा है। शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को खनन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां कई एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से बालू और मिट्टी निकाले जाने के प्रमाण मिले।
मामला बहरिया क्षेत्र के जुगनीडीह गांव का है, जहां पिलखान देवी मंदिर के आसपास लंबे समय से नदी किनारे खनन किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर उनकी आवाज दबा दी गई। कुछ समय पहले विशाल भारद्वाज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत भी की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
शिकायत में जुगनीडीह निवासी तौफीक अहमद उर्फ पप्पू और सरफराज उर्फ अन्नू पर कई वर्षों से अवैध रूप से मिट्टी और बालू निकालकर बेचने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तलहटी में रात-दिन जेसीबी मशीनों और डंपरों की आवाजाही रहती है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पट्टे की जमीन से जबरन खनन कर मिट्टी उठाई गई।
खनन अधिकारी मोहम्मद महबूब ने टीम के साथ निरीक्षण के दौरान अवैध खनन की पुष्टि की। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने पहले ऐसी किसी जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। बहरिया थाना प्रभारी ब्रजेश सिंह, राजस्व निरीक्षक और हल्का लेखपाल ने कहा कि उन्हें पूर्व में अवैध खनन की सूचना नहीं थी। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।