प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे पिछले 24 घंटे में यमुना 283 सेंटीमीटर और गंगा 143 सेंटीमीटर ऊपर चली गई है। निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुँच गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है। यह साल में चौथी बार है जब शहर में बाढ़ के हालात बन रहे हैं।
मंगलवार की सुबह से शहर में अफरा-तफरी का माहौल है। दशाश्वमेध, सरस्वती और बलुआ घाट समेत गंगा किनारे बने सभी पक्के घाट जलमग्न हो चुके हैं। महाकुंभ के दौरान बनाई गई रिवर फ्रंट रोड भी पानी में डूब गई है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
नागवासुकी मंदिर और घाटों पर स्थित मंदिरों में भी पानी घुस गया है। इससे धार्मिक गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। शहर के कई मोहल्ले और गंगा किनारे बसे गाँव जैसे छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, राजापुर, सोनौटी और टिकारी में सड़कों और मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे न जाएँ और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हों। बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर हालात को गंभीर बनाए हुए है।