प्रयागराज न्यूज डेस्क: भारत की सबसे लंबी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में शामिल 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस हाईवे का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे रह जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली से शुरू होकर बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे 12 जिलों से गुजरते हुए प्रयागराज तक पहुंचेगा। इस परियोजना से इन जिलों के 518 से ज्यादा गांव सीधे हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे कृषि व्यापार, छोटे कारोबार और स्थानीय रोजगार को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन इसे चालू करने से पहले कई तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। इनमें टोल सिस्टम की जांच, सड़क की गुणवत्ता का परीक्षण और सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण शामिल हैं। इसी वजह से मेरठ के बिजौली स्थित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक उद्घाटन तिथि घोषित नहीं की है, लेकिन परीक्षण पूरा होने के बाद जल्द ही इसे शुरू किया जा सकता है।