प्रयागराज न्यूज डेस्क: पिछले 48 घंटों में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबंधित चिल्ड्रेन अस्पताल में दो बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार को सुबह सात बजे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नौ वर्षीय दिव्यांशु उर्फ मानस की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सा स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।
अजीत पांडेय, दिव्यांशु के पिता, ने जानकारी दी कि 29 सितंबर की रात बच्चे के गले में सूजन हो गई थी। पहले उन्होंने गांव में उसका इलाज करवाया और फिर रामबाग के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें चिल्ड्रेन अस्पताल जाने का सुझाव दिया। एक अक्टूबर को दिव्यांशु को चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती किया गया, और उसी दिन शाम को उसका ऑपरेशन हुआ।
अजीत ने बताया कि बुधवार रात जब उन्होंने वार्ड में तैनात नर्स से ऑक्सीजन देने के लिए कहा, तो उन्होंने कहा, "मैं तुम्हारी नौकर नहीं हूं, खुद कर लो।" इस बीच, सुबह चार बजे बच्चे की सांस तेज चलने लगी और सुबह सात बजे दिव्यांशु का निधन हो गया। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर पर मां अनुजा और छोटे भाई-बहन मानसी और हिमांशु रो पड़े। परिवार ने दिव्यांशु के शव को गंगा के डीहा घाट पर प्रवाहित किया। उल्लेखनीय है कि बुधवार को अस्पताल में एक और बच्चे की मौत हुई थी, लेकिन परिजन बिना कोई शिकायत किए शव ले गए थे।