प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज का शुआट्स (सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज) उत्तर भारत के प्रमुख शिक्षा संस्थानों में से एक है, जो कृषि के साथ कई अन्य विषयों में भी पढ़ाई करवाता है। लेकिन हाल ही में विश्वविद्यालय गंभीर वित्तीय संकट और प्रशासनिक अनियमितताओं से जूझ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि प्रशासन ने एक स्कूल, एक अनुभाग और आठ विभागों को बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले से प्रभावित शिक्षक और छात्र जब कुलपति कार्यालय पहुंचे, तो वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। इससे विश्वविद्यालय में गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल बन गया है।
शुआट्स प्रशासन ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए 53 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने और तीन महीने का नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। यह सूचना विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जिन छात्रों के विभाग बंद हो रहे हैं, उनकी पढ़ाई अन्य विभागों के शिक्षकों द्वारा पूरी कराई जाएगी। हालांकि, छात्रों में इसे लेकर गहरी असमंजस की स्थिति है, क्योंकि वे अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं।
शिक्षकों का आरोप है कि उनका वेतन 16 से 26 महीनों से बकाया है और जब वे इस बारे में कुलपति से मिलने पहुंचे तो कोई भी अधिकारी जवाब देने के लिए मौजूद नहीं था। इस अनिश्चितता ने विश्वविद्यालय में अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं, लगातार बढ़ते आर्थिक संकट के कारण न सिर्फ शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है, बल्कि छात्रों को भी अपने करियर का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।