प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज जीआरपी के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ट्रेनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और लंबे समय से चल रही स्टाफ की कमी को देखते हुए शासन ने प्रयागराज जीआरपी में 91 नए पुलिसकर्मियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। यह फैसला न केवल प्रयागराज, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के जीआरपी थानों की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने के उद्देश्य से लिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार
जीआरपी इंस्पेक्टर अकलेश सिंह के अनुसार, नई फोर्स मिलने से ट्रेनों और स्टेशनों पर गश्त की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। अब रेलवे ट्रैक पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:
ट्रेन एस्कॉर्ट: प्रमुख ट्रेनों में जीआरपी की एस्कॉर्ट व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
ट्रैक की निगरानी: रेलवे ट्रैक पर अब हर एक किलोमीटर की निगरानी के लिए सिपाहियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अपराध पर लगाम: चेन पुलिंग और ट्रेनों पर पथराव जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई तैनाती का विवरण
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट से ये पुलिसकर्मी जल्द ही जीआरपी में शामिल होंगे। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि इन जवानों को जल्द ही रिलीव कर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस नई टीम में निम्नलिखित पद शामिल हैं:
इंस्पेक्टर: 1
उपनिरीक्षक (दरोगा): 5
सिपाही: 75
महिला सिपाही: 10
क्यों थी फोर्स की कमी?
डीजी जीआरपी प्रकाश डी ने बताया कि पिछले 15 सालों से जीआरपी में जवानों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि इस अवधि में ट्रेनों की संख्या में 26 प्रतिशत और प्लेटफॉर्मों की संख्या में 21 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। फोर्स न बढ़ने के कारण गश्त और एस्कॉर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही थीं। इस असंतुलन को देखते हुए डीजीपी ने पूरे प्रदेश के लिए 2200 नए जवान स्वीकृत किए हैं, जिसमें प्रयागराज जैसे बड़े शहरों को 91 और छोटे शहरों को लगभग 50 के करीब जवान मिलेंगे।