प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने जेल प्रशासन से बैरक में टीवी लगाने की इजाजत मांगी है। अली का कहना है कि वह टीवी के ज़रिए देश-दुनिया की खबरों से जुड़े रहना चाहता है। इस मांग को लेकर उसने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। हालांकि, जेल प्रशासन ने इसका विरोध करते हुए जेल मैनुअल का हवाला दिया और कहा कि नियमों के अनुसार बैरकों में टीवी की व्यवस्था नहीं की जा सकती।
अली अहमद फिलहाल उमेश पाल और दो सरकारी गनरों की हत्या से जुड़े चर्चित शूटआउट केस में आरोपी है और हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद है, जहां 24 घंटे उस पर सीसीटीवी निगरानी रखी जाती है। पुलिस पहले ही उसे अतीक अहमद के गैंग IS-227 का सक्रिय गैंग लीडर घोषित कर चुकी है। उसने 30 जुलाई 2022 को प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था और तब से जेल में बंद है। शूटआउट के वक्त भी वह जेल में ही था, लेकिन पुलिस ने उसे साजिश रचने वाले आरोपियों में शामिल किया है। जेल में बंद होने के बाद से उससे सिर्फ एक बार उसका वकील मिला है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अली और उसका बड़ा भाई उमर, दोनों को अतीक की तरह ही हिस्ट्रीशीटर घोषित किया जा चुका है। धूमनगंज पुलिस ने 14 अप्रैल 2024 को दोनों की हिस्ट्रीशीट खोली थी। अली की हिस्ट्रीशीट संख्या 48-B और उमर की 57-B है, जबकि अतीक की 39-A और अशरफ की 93-A थी। उमर के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं और वह फिलहाल लखनऊ जेल में बंद है। वहीं अली के खिलाफ अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें कई संगीन धाराएं भी शामिल हैं। पुलिस इन दोनों पर लगातार निगरानी रख रही है।