प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज महाकुंभ के समापन के साथ ही अब नजरें 2027 में महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ पर टिक गई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इसकी तैयारियों का आगाज कर दिया है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के मंत्री और अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रयागराज महाकुंभ से मिली सीख को ध्यान में रखते हुए नासिक कुंभ की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि नासिक की सड़कें चौड़ी करने, रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने और हवाई अड्डे पर निजी विमानों की पार्किंग जैसी सुविधाओं पर चर्चा की गई है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नासिक में सिंहस्थ कुंभ के दौरान करीब 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त बजट आवंटित किया जाएगा। महाजन ने बताया कि प्रयागराज कुंभ की तर्ज पर एक नया कानून भी बनाया जाएगा, जिससे आयोजन को और सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। इसके अलावा, नासिक रिंग रोड परियोजना का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। खास बात यह रही कि प्रयागराज महाकुंभ में महाराष्ट्र सरकार के 25 अधिकारियों को भेजा गया था, जिन्होंने वहां की व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा और अपने अनुभव साझा किए।
हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मौजूद नहीं थे। इस पर सफाई देते हुए गिरीश महाजन ने बताया कि बैठक अचानक तय की गई थी, जबकि एकनाथ शिंदे का पहले से तय कार्यक्रम था, जिस कारण वे शामिल नहीं हो सके। लेकिन उन्हें बैठक की पूरी जानकारी दी गई और इस मुद्दे पर फोन पर भी चर्चा हुई। महाजन ने आगे कहा कि नासिक कुंभ मेला मंत्री की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है और इसके साथ ही नासिक के पालक मंत्री का अतिरिक्त पद मिलने से कई कार्यों में आसानी होगी। हालांकि, नासिक और रायगढ़ के पालक मंत्री पद को लेकर जो विवाद चल रहा है, उसे जल्द सुलझाने की उम्मीद है।
इसके अलावा, पुणे में हाल ही में हुई बस में बलात्कार की घटना पर गिरीश महाजन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सके।