प्रयागराज न्यूज डेस्क: प्रयागराज के यमुनापार इलाके का कोरांव क्षेत्र खेती के लिए काफी मशहूर है। खासकर धान की खेती में यह जगह पूरे राज्य में अपनी पहचान रखती है। यहां की मिट्टी और मौसम इतने अनुकूल हैं कि किसान इसे अक्सर 'धान का कटोरा' कहते हैं। इलाके में उगने वाला धान न केवल प्रदेश और देश में भेजा जाता है, बल्कि विदेशों में भी इसकी अच्छी मांग रहती है।
कोरांव में विष्णु भोग, सोना चूर, सोनम और गंगा कावेरी जैसी किस्मों के धान उगाए जाते हैं। इनमें गंगा कावेरी की खास मांग है क्योंकि सरकार इसे सीधे किसानों से खरीदती है। पहाड़ी इलाकों में मोटे धान की खेती होती है, जो आसपास के लोगों के खाने-पीने के काम आती है।
इस साल मानसून का पूरा साथ मिला है। समय पर हुई बारिश ने खेतों में हरियाली फैला दी है और किसान खुश हैं। पूर्व प्रधान रवि कुमार केसरी बताते हैं कि बीज और खाद समय पर मिलने से काम आसान हो गया। अब फसल मजबूत और अच्छी दिख रही है, जिससे किसानों को राहत मिली है।
किसान सुशील मिश्रा कहते हैं कि सरकार के सहयोग और सीधे खरीद के कारण अब बिचौलियों की दखल कम हुई है। इस वजह से किसानों को उनके धान का सही दाम मिल रहा है। अगर मौसम ऐसे ही बना रहा तो इस साल कोरांव बेल्ट में रिकॉर्ड पैदावार हो सकती है, जिससे किसान आर्थिक रूप से और मजबूत होंगे।