भारत की टॉय ट्रेन को आप उनके छोटे साइज और खूबसूरत सफर के अलावा उनके साथ जुड़ी हिस्ट्री के लिए जानते है।यह ट्रेन चलने में काफी स्लो होती है और आपको बहुत ही सुन्दर नजारो के बीच ले जाती है।यह ट्रेन बहुत नैरो ट्रैक पर चलती है और इनके इंजन बहुत छोटे होते है इसलिए इन्हे टॉय ट्रेन कहा जाता है।
इनमे से कुछ UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स में गिनी जाती है। आइये आपको बताते है भारत की टॉय ट्रेन के बारे में :
1. कालका शिमला टॉय ट्रेन : हिमाचल प्रदेश
यह ट्रेन कालका से शिमला के बीच चलती है और 100 किलोमीटर के रास्ते को 5 घंटे में पूरा करती है। इस ट्रेन के सफर में 102 टनल आते है और 87 ब्रिज आते है। जो भी शिमला घूमने जाता है वह इस टॉय ट्रेन का मजा जरूर लेता है।
2.दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे : वेस्ट बंगाल
दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे सबसे पुरानी ट्रेन रूट पर चलती है जिसे 1881 में शुरू किया गया था। यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से चलती है और दार्जिलिंग तक का सफर 7 घंटे में तय करती है। अपने सफर में वह भारत के हाईएस्ट रेलवे स्टेशन घुम को भी पार करती है।
3. नीलगिरि माउंटेन रेलवे : ऊटी
यह ट्रेन मेट्टुपलायम और उदगमंडलम के बीच चलती है और 46 किलोमीटर का रास्ता 5 घंटे में तय करती है। उदगमंडलम को ऊटी के नाम से जाना जाता है। यह ट्रेन 250 ब्रिज और 16 टनल पार करती है अपने सफर में।
4. माथेरान टॉय ट्रेन : पुणे
यह ट्रैन नेरल और माथेरान के बीच चलती है और इस ट्रेन का सफर 2 घंटे का है। कुछ समय के लिए बारिशों में इस ट्रेन को बंद कर दिया जाता था लेकिन अब यह 12 महीने चलती है। यह जगह वीकेंड के लिए बहुत अच्छा अट्रैक्शन है इस कारण से वीकेंड पर यहां काफी भीड़ रहती है।
5. काँगड़ा वैली ट्रेन : हिमाचल प्रदेश
काँगड़ा वैली ट्रेन पठानकोट और जोगिन्दर नगर के बीच चलती है और 164 किलोमीटर का सफर तय करती है 9 घंटो में। इस सफर के दौरान आप 971 ब्रिज और 2 टनल पास करते है।